दक्षिण भारत: नारियल के पेड़ों में सफेद मक्खी का प्रकोप

१३ दिसम्बर २०१६

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Weathersys BKC के मुताबिक नारियल के पेड़ में केरल के पोल्लाची जिले में जोकि कोयंबटूर के आस-पास है, सफेद मक्खियों के कारण काफ़ी नुकसान देखने को मिला है और वैज्ञानिकों (NBAIR और wood Science & Technology ) की शोध के अनुसार यह अभी तक की अनदेखी सफेद मक्खी है जिसका नाम रुगोस (Rugos Whitefly) सफेद मक्खी है | वहीं अगर जलवायु की बात करें तो नारियल पेड़ के लिए मुख्यतः एक साल में २००० मिली मीटर वर्षा वाले क्षेत्रों में अधिकतम उत्पादन व अच्छे बढ़ाव के साथ उगते हैं और मृदा दुम्मट,मखरला,तटीय रेतीली मिट्टी में इस पेड़ को बखूबी लगाया जा सकता है व मिट्टी में पानी को सोखने की क्षमता होनी चाहिए और उस क्षेत्र का सतह से पानी ३ मीटर ऊँचाई पर हो व कोई भी पत्थर या कठोर चीज़ कम से कम २ मीटर की ऊँचाई पर होनी चाहिए |

   



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मार्केट से जुड़ी जानकारी की बात करें तो एग मार्कनेट के मुताबिक केरल के चेलककारा मार्केट में नारियल के बीजों की आवक दिसम्बर में सबसे कम ०.२ से ०.२५ टन और रन्नीयांगड़ी मार्केट में १.५ से २ टन तक दर्ज़ की गयी है| जबकि गन्जन्गदु में सबसे अधिक आवक १२ से १५ टन तक रही है | वहीं कर्नाटक के बैंग्लौर में १ दिसम्बर से लेकर १२ दिसम्बर तक आवक में बढ़त हुई है जहाँ १ दिसम्बर को ३२०० टन आवक थी वहीं १२ दिसम्बर को ९८०० टन तक पहुँच गयी |



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